हो इश्क़ हैं दरमियाँ
फिर क्यों हैं दूरियाँ
ना छू सकूँ में ना मुड़ सकूँ
तुझ मैं कहीं हूँ में
फिर भी नहीं हूँ में
ना में रुकून ना चल सकूँ
और अब चलें कही दूर जहाँ
बाहों के नाशे मैं हो चूर जहाँ
खोया खोया मन खोया खोया
जो पाया तुझे में खोया खोया
On the way.
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