रूठी ऐ सबते रब्बा
रब्बा दिल भी है रूठा
सब कुछ है बिखरा बिखरा
बिखरा सा रूठा रूठा
चुप माही चुप है रांझा
बोले कैसे वे ना जा
बोले कैसे वे ना जा
आजा आजा
रूठी ऐ सबते रब्बा
रब्बा दिल भी है रूठा
सब कुछ है बिखरा बिखरा
बिखरा सा रूठा रूठा
चुप माही चुप है रांझा
बोले कैसे वे ना जा
बोले कैसे वे ना जा
आजा आजा
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