सजदे किये हैं लाखों, लाखों दुआएँ माँगी
पाया है मैंने फिर तुझे
चाहत की तेरी मैंने, हक में हवाएँ माँगी
पाया है मैंने फिर तुझे
तुझसे ही दिल ये बहला, तू जैसे कलमा पहला
चाहूँ ना फिर क्यूँ मैं तुझे, जिस पल ना चाहा तुझको
उस पल सज़ाएँ माँगी
पाया है मैंने...
सजदे किये हैं लाखों, लाखों दुआएँ माँगी
पाया है मैंने फिर तुझे
चाहत की तेरी मैंने, हक में हवाएँ माँगी
पाया है मैंने फिर तुझे
तुझसे ही दिल ये बहला, तू जैसे कलमा पहला
चाहूँ ना फिर क्यूँ मैं तुझे, जिस पल ना चाहा तुझको
उस पल सज़ाएँ माँगी
पाया है मैंने...
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