तू मेरा कोई ना होके भी कुछ लागे
किया रे जो भी तूने कैसे किया रे
जिया को मेरे बांध ऐसे लिया रे
समझ के भी ना समझ मैं सकु
सवेरों का मेरे तू सूरज लागे
अपना बना ले पिया
अपना बना ले पिया
दिल के नगर में
शहर तू बसा ले पिया
तू मेरा कोई ना होके भी कुछ लागे
किया रे जो भी तूने कैसे किया रे
जिया को मेरे बांध ऐसे लिया रे
समझ के भी ना समझ मैं सकु
सवेरों का मेरे तू सूरज लागे
अपना बना ले पिया
अपना बना ले पिया
दिल के नगर में
शहर तू बसा ले पिया
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