तेरी बाँहों में मिली
ऐसी राहत सी मुझे
हो गयी जान-ए-जहाँ
तेरी आदत सी मुझे
देखूं मैं जब तुझको तो
तब मेरा दिन ये ढले
दीवाना कर रहा है
तेरा रूप सुनेहरा
मुसलसल खल रहा
मुझको अब ये सेहरा
बता अब जाएँ तो जाएँ कहाँ
तेरी बाँहों में मिली
ऐसी राहत सी मुझे
हो गयी जान-ए-जहाँ
तेरी आदत सी मुझे
देखूं मैं जब तुझको तो
तब मेरा दिन ये ढले
दीवाना कर रहा है
तेरा रूप सुनेहरा
मुसलसल खल रहा
मुझको अब ये सेहरा
बता अब जाएँ तो जाएँ कहाँ
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