तेरा नशीला बदन बाहों ने छोड़ा नहीं
आँखें तो खोली मगर सपना वोह तोडा नहीं
हाँ वोही वोह वोही
साँसों पे रखा हुआ तेरे होटों का सपना अभी है वही
रात का नशा अभी आँख से गया नहीं
तेरा नशीला बदन बाहों ने छोड़ा नहीं
आँखें तो खोली मगर सपना वोह तोडा नहीं
हाँ वोही वोह वोही
साँसों पे रखा हुआ तेरे होटों का सपना अभी है वही
रात का नशा अभी आँख से गया नहीं
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