वक़्त मुझे दर्द के
काबिल बना दिया
तूफ़ान को ही कश्ती का
साहिल बना दिया
बेचैनियाँ समेट के
सारे जहांन की
जब कुछ ना बन सका
तो मेरा दिल बना दिया
ओ साथी.. तेरे बिना..
राही को राह दिखा ना..
वक़्त मुझे दर्द के
काबिल बना दिया
तूफ़ान को ही कश्ती का
साहिल बना दिया
बेचैनियाँ समेट के
सारे जहांन की
जब कुछ ना बन सका
तो मेरा दिल बना दिया
ओ साथी.. तेरे बिना..
राही को राह दिखा ना..
Write a comment ...
Write a comment ...