रोते हो तुम जो, हम घबराएं
थम क्यों जाति धारकेनें?
हंस रहा है हर पल, दर्द ना पाए
छीन लूं तेरी उलझनें
सोचूं जो खुद को बिन तेरे
कैसे चलेंगे सिलसिले?
तुम से ही करता शुरू
तुम पर ही सब ख़तम
दिल जो करे कभी तो मिलना फिर वहां
कैसी दिल्लगी है तू? कैसी बेबसी है तू?
आँखों की नामी है तू सब है पर कमी है तू
मेरी ज़िंदगी है तू…मेरी ज़िंदगी है तू


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