इश्क़ सच्चा वही जिसको मिलती नहीं मंज़िलें मंज़िलें रंग थे नूर था, जब करीब तू था
एक जन्नत सा था ये जहां
वक़्त की रेत पे कुछ मेरे नाम सा
लिख के छोड़ गया तू कहाँ
हमारी अधूरी कहानी
हमारी अधूरी कहानी
इश्क़ सच्चा वही जिसको मिलती नहीं मंज़िलें मंज़िलें रंग थे नूर था, जब करीब तू था
एक जन्नत सा था ये जहां
वक़्त की रेत पे कुछ मेरे नाम सा
लिख के छोड़ गया तू कहाँ
हमारी अधूरी कहानी
हमारी अधूरी कहानी
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