उम्र में उसको गिनता नहीं मैं
तेरे बिना जो वक़्त गुज़र गया
जचता नहीं है रंग होर कोई मैनू
जबसे मैं यारा तेरे रंग रंगदा..
नित खैर मंगा..
नित खैर मंगा सोह्णेया मैं तेरी
दुआ ना कोई होर मंग्दा
उम्र में उसको गिनता नहीं मैं
तेरे बिना जो वक़्त गुज़र गया
जचता नहीं है रंग होर कोई मैनू
जबसे मैं यारा तेरे रंग रंगदा..
नित खैर मंगा..
नित खैर मंगा सोह्णेया मैं तेरी
दुआ ना कोई होर मंग्दा
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